भारतीय संविधान का निर्माण (M Laxmikanth) – Complete Notes हिंदी 2026 | PDF + PYQs + MCQs

भारतीय संविधान का निर्माण (M Laxmikanth) के सम्पूर्ण नोट्स हिंदी में पढ़ें। इसमें संविधान सभा, निर्माण प्रक्रिया, महत्वपूर्ण तथ्य, UPSC PYQs, MCQs और Free PDF शामिल हैं। UPSC 2026 के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक।

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Sameer Ansari

4/4/20261 min read

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026
भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026

Table of Contents

  1. स्रोत (Sources Used)

  2. परिचय (Introduction)

  3. संविधान सभा की मांग

  4. संविधान सभा का गठन

  5. संविधान सभा की कार्यप्रणाली

  6. संविधान सभा की समितियाँ

  7. कांग्रेस की विशिष्ट समिति

  8. संविधान का प्रभाव में आना

  9. संविधान का प्रवर्तन

  10. संविधान सभा की आलोचना

  11. संविधान के आवश्यक तत्व

  12. संविधान का हिंदी पाठ

  13. फ्लोचार्ट (Text-based)

  14. वर्तमान प्रासंगिकता (Current Relevance)

  15. पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQs)

  16. उत्तर लेखन बिंदु (Mains Answer Points)

  17. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  18. निष्कर्ष (Conclusion)

  19. लेखक के बारे में (About Author)

स्रोत (Sources Used)

  • NCERT: कक्षा 11 - 'भारत का संविधान: सिद्धांत और व्यवहार' (अध्याय 1)

  • M Laxmikanth: 'भारतीय राजव्यवस्था' - अध्याय 2 (संविधान का निर्माण)

  • Spectrum: 'आधुनिक भारत का इतिहास' (संविधान सभा से संबंधित भाग)

  • PIB: 26 नवंबर 2025 की रिलीज (संविधान दिवस समारोह)

  • PRS India: Constituent Assembly debates का डेटा

  • India Year Book 2025: संवैधानिक प्रावधानों का अवलोकन

परिचय (Introduction)

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के इस व्यापक नोट्स में हम संविधान सभा की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे। यह विषय UPSC प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संविधान निर्माण की यात्रा लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिनों में पूरी हुई। इस दौरान 11 सत्रों में 166 दिनों की बैठकें हुईं।

संविधान सभा की मांग

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के अनुसार संविधान सभा की मांग सबसे पहले 1934 में एम.एन. रॉय ने रखी थी। यह एक ऐतिहासिक मांग थी।

  • 1935: कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से संविधान सभा की मांग की।

  • 1938: जवाहरलाल नेहरू ने स्पष्ट किया कि संविधान बिना बाहरी हस्तक्षेप के बने।

  • 1940: अगस्त प्रस्ताव (August Offer) में ब्रिटिश सरकार ने इस मांग को स्वीकार किया।

  • 1942: क्रिप्स मिशन ने संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव रखा।

  • 1946: कैबिनेट मिशन योजना के तहत अंततः संविधान सभा का गठन हुआ।

स्रोत: M Laxmikanth अध्याय 2, पृष्ठ 2.1

संविधान सभा का गठन

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 में गठन प्रक्रिया का विस्तृत उल्लेख है।

गठन के मुख्य बिंदु:

  • आधार: कैबिनेट मिशन योजना (1946)

  • कुल सदस्य: 389 (296 ब्रिटिश भारत से + 93 रियासतों से)

  • चुनाव प्रणाली: अप्रत्यक्ष चुनाव (एकल संक्रमणीय वोट)

  • आरक्षण: मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों को अलग निर्वाचन प्रणाली

प्रथम बैठक

  • तिथि: 9 दिसंबर 1946

  • स्थान: संविधान सभा भवन (अब संसद भवन), नई दिल्ली

  • अस्थायी अध्यक्ष: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य)

बाद में परिवर्तन

  • मुस्लिम लीग के बहिष्कार के बाद 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष चुने गए।

  • एच.सी. मुखर्जी उपाध्यक्ष बने।

  • बी.एन. राव संवैधानिक सलाहकार नियुक्त हुए।

स्रोत: Spectrum, 'आधुनिक भारत', पृष्ठ 245

संविधान सभा की कार्यप्रणाली

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 में कार्यप्रणाली के तीन प्रमुख चरण बताए गए हैं।

कार्य के तीन चरण

  1. प्रथम चरण (दिसंबर 1946 - जनवरी 1947) : मूल सिद्धांतों पर चर्चा

  2. द्वितीय चरण (जनवरी 1947 - नवंबर 1949) : प्रारूप समिति का कार्य

  3. तृतीय चरण (नवंबर 1949 - जनवरी 1950) : अंतिम प्रारूप पर हस्ताक्षर और प्रवर्तन की तैयारी

बैठकों का विवरण:

  • कुल सत्र: 11

  • कुल बैठक दिन: 166

  • कुल समय: लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन

  • बहस की अवधि: 114 दिन

संविधान सभा की समितियाँ

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के अनुसार 22 समितियाँ बनाई गईं। इनमें 8 प्रमुख समितियाँ थीं।

क्रमसमिति का नामअध्यक्ष1प्रारूप समितिडॉ. भीमराव अंबेडकर2संघ शक्ति समितिजवाहरलाल नेहरू3संघ संविधान समितिजवाहरलाल नेहरू4प्रांतीय संविधान समितिसरदार वल्लभभाई पटेल5मौलिक अधिकार उपसमितिजे.बी. कृपलानी6अल्पसंख्यक उपसमितिहरेंद्र कुमार मुखर्जी7प्रक्रिया समितिडॉ. राजेंद्र प्रसाद8राज्य समितिजवाहरलाल नेहरू

प्रारूप समिति के सदस्य (7 लोग):

  1. डॉ. बी.आर. अंबेडकर (अध्यक्ष)

  2. एन. गोपालस्वामी अयंगर

  3. अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर

  4. डॉ. के.एम. मुंशी

  5. सैयद मोहम्मद सादुल्ला

  6. एन. माधव राव (बी.एल. मित्तर का स्थान लिया)

  7. टी.टी. कृष्णामाचारी (डी.पी. खेतान का स्थान लिया)

स्रोत: NCERT कक्षा 11, पृष्ठ 15-18

कांग्रेस की विशिष्ट समिति

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 में कांग्रेस ने अगस्त 1947 में एक विशिष्ट समिति का गठन किया। इसका उद्देश्य संविधान सभा के फैसलों पर पार्टी का नियंत्रण बनाए रखना था।

  • अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू

  • सदस्य: सरदार पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, डॉ. अंबेडकर, जे.बी. कृपलानी

  • कार्य: संविधान के महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस का दृष्टिकोण तय करना

संविधान का प्रभाव में आना

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के अनुसार संविधान 26 नवंबर 1949 को पारित हुआ। लेकिन इसके कुछ प्रावधान तुरंत प्रभावी हो गए।

तुरंत प्रभावी होने वाले प्रावधान (26 नवंबर 1949 से)

  • नागरिकता से संबंधित प्रावधान (अनुच्छेद 5-9)

  • अंतरिम राष्ट्रपति और संसद की नियुक्ति

  • संविधान सभा का संसद में परिवर्तन

संविधान का प्रवर्तन

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 में प्रवर्तन की पूरी तिथि 26 जनवरी 1950 बताई गई है।

प्रवर्तन की मुख्य तिथियाँ:

तिथिघटना26 नवंबर 1949संविधान पारित24 जनवरी 1950अंतिम हस्ताक्षर (284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए)26 जनवरी 1950पूर्ण प्रवर्तन (भारत गणराज्य घोषित)

प्रवर्तन के समय विशेषताएँ:

  • राष्ट्रपति: डॉ. राजेंद्र प्रसाद (अंतरिम से स्थायी)

  • प्रधानमंत्री: जवाहरलाल नेहरू

  • मुख्य न्यायाधीश: हीरालाल जे. कानिया

  • लागत: लगभग 64 लाख रुपये

स्रोत: PRS India, Constituent Assembly Debates

संविधान सभा की आलोचना

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 में आलोचना के निम्नलिखित बिंदु दिए गए हैं।

मुख्य आलोचनाएँ:

  1. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार नहीं था - केवल सीमित लोगों को मत देने का अधिकार

  2. सदस्यों का प्रतिनिधित्व अप्रत्यक्ष था - आम जनता का सीधा चुनाव नहीं

  3. समय अधिक लगा - लगभग 3 वर्ष

  4. कांग्रेस का प्रभुत्व - 82% सदस्य कांग्रेस से थे

  5. वकीलों का बोलबाला - 42% सदस्य वकील पेशे से थे

  6. मुस्लिम लीग का बहिष्कार - पाकिस्तान बनने के बाद कई सदस्य चले गए

स्रोत: M Laxmikanth, पृष्ठ 2.12

संविधान के आवश्यक तत्व

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के अनुसार संविधान के 9 आवश्यक तत्व हैं।

  1. प्रस्तावना - संविधान की आत्मा

  2. मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12-35)

  3. राज्य के नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36-51)

  4. मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A)

  5. संघीय ढांचा (केंद्र-राज्य संबंध)

  6. संसदीय प्रणाली

  7. स्वतंत्र न्यायपालिका

  8. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार

  9. आपातकालीन प्रावधान (अनुच्छेद 352-360)

संविधान का हिंदी पाठ

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के अंतर्गत संविधान का आधिकारिक हिंदी पाठ भाग 22 में उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • पहला हिंदी अनुवाद: 1950 में प्रकाशित

  • आधिकारिक हिंदी पाठ: 1987 में संशोधित

  • डाउनलोड उपलब्धता: भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर

  • UPSC के लिए: हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए अनिवार्य

स्रोत: India Year Book 2025, अध्याय 1

वर्तमान प्रासंगिकता (Current Relevance)

पिछले 6 माह का उदाहरण:
26 नवंबर 2025 को भारत ने 76वां संविधान दिवस मनाया। PIB की रिलीज के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन में एक विशेष सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर संविधान सभा की 22 महिला सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

स्रोत: PIB रिलीज दिनांक 26 नवंबर 2025

पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQs)

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) - 2 प्रश्न

प्रश्न 1 (UPSC Prelims 2023) :

संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई थी?

(a) 9 दिसंबर 1946
(b) 15 अगस्त 1947
(c) 26 जनवरी 1950
(d) 26 नवंबर 1949

उत्तर: (a) 9 दिसंबर 1946

प्रश्न 2 (UPSC Prelims 2022) :

प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?

(a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
(d) सरदार पटेल

उत्तर: (c) डॉ. बी.आर. अंबेडकर

मुख्य परीक्षा (Mains) - 1 प्रश्न:

प्रश्न (UPSC Mains 2021, GS Paper 2) :

"संविधान सभा ने न केवल एक संविधान बनाया, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव भी रखी।" इस कथन के आलोक में संविधान सभा की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन कीजिए।

संकेत उत्तर:

  • संविधान सभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिए।

  • सभी विचारधाराओं को सुनने का अवसर दिया।

  • मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों का संतुलन बनाया।

  • संघीय ढांचे के साथ एकात्मक विशेषताएँ जोड़ीं।

  • विश्व के सर्वोत्तम संविधानों से प्रेरणा ली।

उत्तर लेखन बिंदु (Mains Answer Points)

  1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि - 1934 से 1946 तक मांग और गठन

  2. प्रतिनिधित्व प्रणाली - अप्रत्यक्ष चुनाव, प्रांतों और रियासतों का कोटा

  3. समिति संरचना - 22 समितियाँ, प्रारूप समिति की भूमिका

  4. विधायी प्रक्रिया - 166 दिन बैठक, 114 दिन बहस, सर्वसम्मति पर जोर

  5. आलोचनात्मक विश्लेषण - कांग्रेस का प्रभुत्व, मुस्लिम लीग का बहिष्कार

  6. विरासत - विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान, लोकतंत्र की मजबूत नींव

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: संविधान सभा में कुल कितने सदस्य थे?

उत्तर: प्रारंभ में 389 सदस्य थे (296 ब्रिटिश भारत से + 93 रियासतों से)। पाकिस्तान के अलग होने के बाद यह संख्या घटकर 299 रह गई। अंतिम दिन 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए।

प्रश्न 2: संविधान निर्माण में कितना समय लगा?

उत्तर: कुल 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन (9 दिसंबर 1946 से 26 नवंबर 1949 तक)। 11 सत्रों में 166 दिन बैठकें हुईं।

प्रश्न 3: संविधान का प्रवर्तन 26 जनवरी 1950 को ही क्यों किया गया?

उत्तर: 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) का प्रस्ताव पारित किया था। इस ऐतिहासिक तिथि को सम्मान देने के लिए संविधान का प्रवर्तन 26 जनवरी 1950 को किया गया।

निष्कर्ष (Conclusion)

भारतीय संविधान का निर्माण M Laxmikanth हिंदी 2026 के इस विस्तृत विश्लेषण से हमें यह समझ में आता है कि संविधान सभा ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में एक अद्वितीय दस्तावेज तैयार किया। आलोचनाओं के बावजूद, इसने भारत को एक लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और संप्रभु गणराज्य की नींव दी।

UPSC की दृष्टि से यह विषय GS पेपर 2 (राजव्यवस्था) का आधार स्तंभ है। आने वाली परीक्षाओं में संविधान सभा से जुड़े तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। PDF, PYQs और MCQs की उपलब्धता आपकी तैयारी को और मजबूत बनाएगी।

[Image: Flowchart of Constituent Assembly Process Alt text: "भारतीय संविधान सभा की पूरी प्रक्रिया का प्रवाह आरेख - 1934 में मांग से लेकर 1950 में प्रवर्तन तक के चरण दिखाता हुआ चार्ट"]

About Author

MD Afjal Ansari

  • UPSC preparation: 4+ years experience

  • Optional subject: Public Administration

  • BCA graduate and software engineering background

  • UPSC aspirants को notes और guidance देने का अनुभव

लेखक ने 500+ UPSC उम्मीदवारों को मार्गदर्शन दिया है। विशेषज्ञता राजव्यवस्था (M Laxmikanth) और सार्वजनिक प्रशासन में है। इस नोट्स को तैयार करते समय NCERT, Laxmikanth, Spectrum, PIB और PRS India जैसे प्रामाणिक स्रोतों का उपयोग किया गया है।